रूस ने कोरोना की वैक्सीन बना ली है और जल्द ही उसे जनता के लिए उपलब्ध करवा दिया जाएगा

नई दिल्ली: दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 2 करोड़ के पार हो गई है। अब रोजाना लाखों मामले सामने आ रहे हैं। हालात तब तक ऐसे रहेंगे जब तक कोरोना वायरस की वैक्सीन बाजार में नहीं आ जाती है। मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऐलान किया था कि उनके देश ने कोरोना की वैक्सीन बना ली है और जल्द ही उसे जनता के लिए उपलब्ध करवा दिया जाएगा, लेकिन अब इस वैक्सीन के ट्रायल पर सवाल उठने लगे हैं

42 दिन हुआ था शोध

न्यूज एजेंसी Fontanka के मुताबिक कागजी कार्रवाई के हिसाब से सिर्फ 38 लोगों पर ही रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल किया गया था। इसके अलावा केवल 42 दिनों के शोध के बाद इसे रजिस्टर्ड कर दिया गया। ऐसे में इसके प्रभाव का अभी ठीक से पता नहीं चल पाया है। दुनियाभर के वैज्ञानिक और डॉक्टर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ऐलान को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

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क्या हैं साइड-इफेक्ट?

रिपोर्ट में वैक्सीन के साइड-इफेक्ट की भी बात की गई है, जबकि रूस का दावा था कि इसका कोई नकारात्मक असर शरीर पर नहीं पडे़गा। रिपोर्ट के मुताबकि वैक्सीन के साइड इफेक्ट के तौर पर दर्द, तेज बुखार, स्वेलिंग देखने को मिली। इसके अलावा वैक्सीन लेने वाले को एनर्जी की कमी, भूख नहीं लगना, सिर दर्द, डायरिया, नाक बंद होना, गला खराब होना और नाक बहने जैसी शिकायतें थी। वहीं वैक्सीन लेने के बाद कई इंसानों के शरीर में कमजोरी भी महसूस हो रही थी।

क्या है डर?

राष्ट्रपति पुतिन का कहना है कि उनकी बेटी को वैक्सीन की डोज दी गई है। वैक्सीन देने के बाद उसे कुछ देर के लिए बुखार हुआ, लेकिन बाद में वो ठीक हो गई। इस पर वैज्ञानिकों का कहना है कि वैक्सीन को बिना ढंग की स्टडी के लॉन्च करना सही नहीं है। अगर वैक्सीन खतरनाक साबित हुई तो महामारी और विकराल रूप ले सकती है। जिसे रोकना मुश्किल हो जाएगा। वहीं जो साइड-इफेक्ट शुरू में दिखे अगर वो बार-बार इंसानों में दिखेंगे तो भी दिक्कत हो सकती है। Fontanka के मुताबिक साइड इफेक्ट तो खुद से सही हो गए थे, लेकिन स्टडी के 42वें दिन भी साइड-इफेक्ट की 31 घटनाएं थीं। इसके अलावा एंटीबॉडी भी जरूरत के हिसाब से कम थी।

दुनिया भर में वैक्सीन की मांग

राष्ट्रपति पुतिन की इस घोषणा के बाद से ही दुनियाभर के कई देशों में रूसी वैक्सीन की मांग तेज हो गई है और अब तक इस वैक्सीन के लिए करीब 1 अरब खुराक के ऑर्डर मिले हैं। रशियन डॉयरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के हेड किरिल दिमित्रिज ने कहा कि उन्हें इस वैक्सीन के लिए 20 देशों से एक अरब डोज बनाने का ऑर्डर मिला हुआ है। बता दें कि रशियन डॉयरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड नामक संस्था ने रूसी कोरोना वैक्सीन प्रोजेक्ट के लिए निधि मुहैया कराई है।

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