सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यमिता विकास का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत का निर्माण -Neidco

Reporting:-पदमा ब्रह्मशंकर

Ranchi: कोविड 19 ने एक ओर जहां समूचे विश्व की रफ्तार पर अंकुश लगा दिया वही इस वैश्विक आपदा ने दुनिया भर में लगभग सवा करोड़ लोगों को अपनी चपेट में लेकर 5 लाख लोगों की जिंदगी को लील गया और अपने विस्तार को रक्तबीज की भांति कभी न नष्ट होने की राह पर निकल पड़ा। अगर बात करे भारत की तो सम्पूर्ण लॉक डाउन के बावजूद हम कोविड 19 यानी कोरोना वायरस के रथ को पूरी तरह नही रोक पाए। जैसा कि हम जानते है भारत सघन आबादी वाला देश है । यहां लोगों के बीच वायरस ट्रांसमिशन में अन्य देशों की अपेक्षा अधिक आसानी हो सकती थी। लेकिन सही समय के सही फैसले ने हमे इस महामारी से बहुत हद तक बचा लिया। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के भारत बन्दी के निर्णय ने एक तरफ कोरोना के फैलाव को तो रोक लिया लेकिन साथ ही इस बन्दी ने गरीब मजदूर छोटे उद्यमी की कमर तोड़ कर रख दी। हालात पर पूरी नजर रखनेवाली सरकार से कुछ अछूता नही है । इस बाबत प्रधान मंत्री ने देश को आत्मनिर्भर होने का मंत्र दिया साथ ही जनता को आत्मनिर्भर बनाने हेतु राहत पैकेज का ऐलान किया। जिसमें छोटे उद्यमी और बेरोजगार अपने करियर को दिशा दे सकेंगे। और इन्ही छोटे छोटे बूंदों से बनेगा महासागर और भारत कहलाएगा आत्मनिर्भर भारत।

भारत सरकार के इसी महत्वकांक्षी और आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम को लेकर निडको -राष्ट्रीय उद्यमिता और औद्योगिक विकास कॉरपोरशन -New Delhi  राज्यभर ( Jharkhand) के कंसल्टेंट के साथ बैठक कर सेमिनार का आयोजन किया। निडको के प्रबंध निदेशक  एस के सिंका स्वागत निडको के  प्रधान निदेशक के के पाण्डेय के द्वारा गुलदस्ता देकर किया गया। कार्यकम की शुरुआत प्रार्थना से की गई तथा देश मे कोरोना की आपदा को लेकर एक सामूहिक विचार विमर्श किया गया एवं कोविड आपदा में लगे देश भर के स्वास्थ्य कर्मी एवं पुलिस प्रशाशन के कार्यों की सराहना करते हुए उनके सम्मान में सभी खड़े होकर ताली बजाई। प्रबंध निदेशक  एस के सिं ने बताया कि किस प्रकार आत्मनिर्भर भारत के तहत लोगो को योजनाओं का लाभ दिया जा सकता है। किस प्रकार सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान तक ले जाया जाए जिससे आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न साकार हो सके। सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यमिता विकास का उद्देश्य समाज के उन वर्गों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे लाना है जो पिछड़े होकर अक्सर नजरों से बच जाते हैं। सतर्कता डायरेक्टर  निडको पी के सिंह  ने बताया कि जो सक्षम तो है लेकिन आर्थिक रूप से पिछड़े होने के कारण अपने कौशल के प्रदर्शन नही कर पाते ।  ऐसे लोगो को ऋण उपलब्ध कराकर उनको स्वावलम्बी बनाना निडको का प्रथम उद्देश्य है। प्रधान निदेशक निडको कमल कांत पाण्डेय ने बताया कि अब तक कई ऐसे लोगों को निडको ने ऋण उपलब्ध कराकर स्वावलम्बी बनाया है जो गरीबी रेखा में गुजर बसर कर रहे थे एवं लगातार एक अभियान के तहत बेरोजगारों को उद्यमी बनाने के उद्देश्य में संस्था निरन्तर कार्य कर रही और सफल भी हो रही।

कायर्क्रम में ईस्ट सिंघभूम के जिला विकास एसोसिएट राज कुमार पांडेय एव रांची के जिला विकास एसोसिएट राजीव कुमार गुप्ता को उनके उत्क्रिस्ट कार्यो के लिए सम्मान्नित किया गया

बदलते भारत के साथ बदल रहा है इसका मिज़ाज़ । अब भारत विश्व मे अपनी साख रखने एवं निभाने की ओर अग्रसर है । ऐसे में जरूरी है कि व्यापार को प्रोत्साहित किया जाए। प्रधानमंत्री द्वारा आह्वाहित बी वोकल अबाउट लोकल अर्थात लोकल व्यापार को सृजित प्रोत्सहित  किया जाय और इसी मंत्र का अनुसरण निडको की नींव है। इसी पर कार्य करते हुए निडको महत्वाकांक्षी भारत जो कि  स्वाभिमानी व्यक्तियों के समूह से निर्मित है, उसके लिए सरकारी ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वावलम्बन की दिशा प्रदान कर रही।

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