केंद्र सरकार ने ‘अटल भूजल योजना’ की शुरुआत की है

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर केंद्र सरकार ने ‘अटल भूजल योजना’ की शुरुआत की है, इसके तहत 8000 से अधिक गांवों में पीने का पानी पहुंचाया जाएगा।
अटल भूजल योजना अटल भूजल योजना की शुरुआत विश्वबैंक की मदद से हुई है, बैंक ने भूमि जल के सतत प्रबंधन के लिए 6000 करोड़़ रूपये की स्‍कीम, अटल भूजल योजना को अनुमोदित किया है। भारत सरकार और विश्‍व बैंक के बीच निधियन पैर्टन 50:50 का है। वर्ष 2018-19 से 2022-23 तक के पांच वर्षों की अवधि के लिए स्‍कीम को कार्यान्वित किया
इन राज्यों में शुरू होगी ये योजना विश्व बैंक की मदद से शुरू की जा रही ये योजना अगले पांच सालों में देश 78 जिलों, 193 प्रखंडों (ब्लॉकों) और 8350 ग्राम पंचायतों में अगले पांच सालों में पूरी की जाएगी, इनमें ज़्यादातर इलाके हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में हैं, ये वो राज्य हैं जिनके 25 फीसदी से ज्यादा इलाकों में भूजल स्तर का दोहन सबसे ज्यादा हुआ है। इन्हें ‘डार्क जोन’ (पानी के संकट की स्थिति) कहा जाता है।
2024 तक हर घर में जल सरकार का लक्ष्य 2024 तक सभी घरों में नल से पीने का साफ जल पहुंचाना है, जिसके लिए विशेष रूप से जलशक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है, इसलिए तीन सालों से अटके इस योजना को अटल भूजल योजना के नाम से अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के दिन शुरू किया गया है, योजना के तहत ‘पानी संगठनों’ और ‘पानी बजट’ जैसे नये प्रयोगों की शुरूआत की जाएगी।

2024 तक हर घर में जल

ध्यान देने योग्य बातें

वर्ष 2016-17 के केंद्रीय बजट में राष्ट्रीय भूजल प्रबंधन सुधार योजना की घोषणा की गई थी। मई 2017 में व्यय वित्त समिति द्वारा इस योजना को बंद कर दिया गया था लेकिन बाद में इस योजना को ‘अटल भूजल योजना’ के रूप में पुनः नामकरण कर फिर से शुरू किया गया है। इस योजना का क्रियान्वयन जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। अटल भूजल योजना का उद्देश्य देश के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भूजल प्रबंधन में सुधार करना है

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